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Infosys Share Price NSE par 3.72% tuta, 1,194.50 ka low chhua — bawajood iske ki Q4 FY26 net profit 21% badhkar 8,501 crore hua. Asli vajah FY27 guidance.
Infosys Share Price ने आज सुबह एक ज़ोरदार झटका दिया — बेंगलुरु की इस आईटी दिग्गज का स्टॉक NSE पर 3.72% टूटकर दिन के निचले स्तर 1,194.50 रुपये तक जा पहुँचा। कमाई शानदार, नतीजे दमदार, फिर भी बाज़ार ने क्यों इतना बुरा रिएक्ट किया? असली कहानी Q4 FY26 की गाइडेंस में छुपी है, और यही वो पेंच है जिसने दलाल स्ट्रीट पर आज भरी गहमागहमी मचा दी।
नारायण मूर्ति वाली इस कंपनी ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही में 8,501 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया — यानी पिछले साल के 7,033 करोड़ के मुकाबले सीधे 21% की उछाल। रेवेन्यू भी 13.4% बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। ऊपर से देखें तो कमाल, लेकिन निवेशकों की नज़र इस वक़्त नंबरों पर नहीं, FY27 के गाइडेंस पर थी।
कंपनी ने अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ सिर्फ 1.5% से 3.5% के बीच रहने का अंदाज़ा लगाया है। यह आँकड़ा मार्केट की उम्मीद से काफ़ी कमज़ोर है। जेफरीज़, मॉर्गन स्टैनली और कई घरेलू ब्रोकरेज हाउस ने रातोंरात कॉशियस रुख अपना लिया। कुछ ने ‘होल्ड’ की रेटिंग बरकरार रखी, तो कई ने सीधे प्राइस टारगेट में कटौती कर दी। ADR भी अमेरिका में 4% लुढ़क गए।
वजह साफ़ है — ग्लोबल मैक्रो अनसर्टेंटी, अमेरिकी क्लाइंट्स का डिस्क्रीशनरी स्पेंड घटना, और जेनरेटिव AI का पारंपरिक आईटी सर्विसेज़ बिज़नेस पर बढ़ता दबाव। यही तीनों मिलकर इन्फोसिस के लिए ‘पर्फेक्ट स्टॉर्म’ जैसा सीन बना रहे हैं।
एक और चिंता की बात जो रिपोर्ट से निकली — कंपनी का एम्प्लॉयी हेडकाउंट इस तिमाही में गिरा है। नए बड़े डील्स (लार्ज-डील टीसीवी) भी उम्मीद से कम रहे। यह दोनों संकेत बताते हैं कि क्लाइंट्स अभी नए प्रोजेक्ट्स पर पैसा खोलने से हिचक रहे हैं, और AI-ड्रिवन ऑटोमेशन पारंपरिक ‘बट्स ऑन सीट’ मॉडल को धीरे-धीरे रीशेप कर रहा है।
हेडकाउंट गिरना शॉर्ट टर्म में मार्जिन के लिए अच्छा है, लेकिन लॉन्ग टर्म में यह इशारा करता है कि आईटी सर्विसेज़ कंपनियों को अपना पूरा ऑपरेटिंग मॉडल री-इन्वेंट करना होगा। विप्रो, एचसीएल टेक और टीसीएस — तीनों ने हाल ही में मिलते-जुलते संकेत दिए हैं, तो यह सिर्फ इन्फोसिस की समस्या नहीं है।
जेफरीज़ ने रिपोर्ट में लिखा कि FY27 गाइडेंस ‘डिसअपॉइंटिंग’ है और नियर-टर्म में स्टॉक साइडवेज़ ही रहेगा। मॉर्गन स्टैनली ने भी टारगेट प्राइस घटाया है, लेकिन कंपनी की कैश-जनरेशन कैपेबिलिटी और डिविडेंड हिस्ट्री को देखते हुए लॉन्ग-टर्म ‘इक्वल-वेट’ रुख बरकरार रखा। कोटक, नोमुरा और मैक्वारी में मिली-जुली राय है — कोई ‘बाय’ पर अड़ा है, कोई ‘रिड्यूस’ कर रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने अच्छा डिविडेंड और बायबैक प्लान भी अनाउंस किया था। रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए यह एक बड़ा कुशन है, पर जब गाइडेंस ही कमज़ोर हो तो शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स का दिल नहीं लगता। यही कारण है कि आज के सेशन में वॉल्यूम जमकर उछला और स्टॉक का 52-वीक मूवमेंट फिर से चर्चा में आ गया।
अगर आप पहले से इन्फोसिस के शेयरहोल्डर हैं, तो घबराने की ज़रूरत नहीं। कंपनी के फंडामेंटल्स मज़बूत हैं — कैश बैलेंस हेल्दी, डेट लगभग ज़ीरो, और मैनेजमेंट ट्रैक रिकॉर्ड भरोसेमंद। यह एक साइक्लिकल डाउनटर्न है, कोई स्ट्रक्चरल ब्रेकडाउन नहीं। जो लोग SIP के ज़रिए आईटी इंडेक्स फंड्स में निवेश कर रहे हैं, उनके लिए यह एक बेहतर एंट्री ज़ोन बन सकता है।
नए निवेशकों के लिए सलाह — एकमुश्त पैसा डालने से बेहतर है स्टेगर्ड अप्रोच अपनाएँ। मतलब, 1,200 रुपये के आसपास एक टुकड़ा लें, फिर अगर 1,150 या नीचे आए तो दूसरा। कभी भी पूरा कैपिटल एक ही लेवल पर मत झोंकें। टेक्निकल चार्ट पर 1,150 एक इम्पॉर्टेंट सपोर्ट है; उसके नीचे गया तो अगला टार्गेट 1,080 के आसपास खुल सकता है।
अगली बड़ी ट्रिगर FY27 Q1 रिज़ल्ट होगा जो जुलाई-अगस्त में आएगा। उसमें अगर बुकिंग्स और डील पाइपलाइन रिकवर होते दिखे, तो स्टॉक फिर तेज़ी पकड़ेगा। फिलहाल अमेरिकी फेड की रेट-कट टाइमिंग, भारतीय आईटी बजट 2026 की साइक्लिकल रिकवरी, और AI-मॉनेटाइज़ेशन का आउटकम — ये तीनों फ़ैक्टर्स अगले 6 महीने की दिशा तय करेंगे। तब तक, वॉच लिस्ट में रखिए, SIP जारी रखिए, और पैनिक सेल से बचिए। विस्तृत मार्केट कवरेज के लिए ट्रेंडिंग सेक्शन चेक करते रहें। ब्रोकरेज नोट्स का पूरा सारांश Economic Times पर उपलब्ध है।
इन्फोसिस के अलावा पूरे आईटी इंडेक्स पर आज दबाव दिखा। टीसीएस, एचसीएल टेक, विप्रो और टेक महिंद्रा — सभी में 1-2% की नरमी रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स भी लगभग 2.5% टूटा। यह साफ़ दिखाता है कि मार्केट इन्फोसिस के गाइडेंस को पूरे सेक्टर का सिग्नल मान रहा है। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के अनुसार FY27 में इंडियन आईटी सर्विसेज़ का एग्रीगेट रेवेन्यू ग्रोथ 3-5% के बीच रह सकता है, जो पिछले एक दशक का सबसे कमज़ोर आंकड़ा होगा।
लॉन्ग टर्म व्यू यह कहता है कि जो कंपनियाँ AI-नेटिव सर्विसेज़, क्लाउड मॉडर्नाइज़ेशन, और प्लैटफ़ॉर्म-बेस्ड रेवेन्यू पर फ़ोकस करेंगी, वही नई साइकिल की विजेता बनेंगी। इन्फोसिस का टोपाज़ AI प्लैटफ़ॉर्म और कोबाल्ट क्लाउड ऑफ़रिंग इसी दिशा में कदम हैं, लेकिन अभी नतीजे आने में वक़्त लगेगा। मैनेजमेंट कमेंट्री में CEO सलिल पारेख ने माना कि माहौल चैलेंजिंग है, पर डील पाइपलाइन क्वालिटी अच्छी है। Moneycontrol की विस्तृत ब्रोकरेज रिपोर्ट में यह सब पढ़ सकते हैं।
क्या आप इस डिप पर Infosys Share Price में एंट्री लेंगे, या अभी और गिरने का इंतज़ार करेंगे? कमेंट में बताइए आपकी स्ट्रैटेजी क्या है।

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