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NRAI के 75वें फाउंडेशन डे पर Olympic मेडलिस्ट Manu Bhaker से किसी ने 14 साल के क्रिकेटर Vaibhav Suryavanshi पर राय मांग ली, और बस वहीं से Twitter पर बवाल मच गया। शूटिंग चैंपियन का जवाब असली पंगा साबित हुआ।
Manu Bhaker शूटिंग की मंच पर खड़ी थीं, सामने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया का 75वां फाउंडेशन डे, और किसी रिपोर्टर ने सीधा सवाल दाग दिया एक 14 साल के क्रिकेटर पर। नाम — Vaibhav Suryavanshi। बस यहीं से Twitter पर ऐसा बवाल मचा कि बहस शूटिंग छोड़कर दोबारा क्रिकेट बनाम बाकी खेलों पर आ गई। Olympic डबल ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट की यह घड़ी असल में देश की उस पुरानी कड़वी सच्चाई का आइना बन गई।
Paris 2024 में 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल — दो बार ब्रॉन्ज़ — जीतकर आज़ाद भारत की पहली डबल ओलंपिक मेडलिस्ट बनने वाली Manu Bhaker को दिल्ली के NRAI इवेंट में बुलाया गया था अपनी कहानी, अपने अगले टारगेट और शूटिंग की राह पर बात करने के लिए। मगर माइक हाथ में आते ही सवाल आया Rajasthan Royals के उस लड़के पर जिसने हाल में IPL 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से रिकॉर्ड्स तोड़े हैं।
सवाल कुछ यूं था — क्या Vaibhav Suryavanshi को Team India में फास्ट-ट्रैक मौका मिलना चाहिए? सवाल सुनते ही हॉल में पल भर का सन्नाटा छा गया। यह कोई क्रिकेट प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं थी, यह NRAI का Foundation Day था जहां देश के टॉप शूटर बैठे थे। पर सवाल पहुंच गया एक 14 साल के क्रिकेट प्रोडिजी पर। यहीं से सोशल मीडिया का पारा चढ़ना शुरू हुआ।
Twitter पर लोगों ने सीधा गुस्सा निकाला — “Olympic मेडलिस्ट से क्रिकेट पर राय क्यों? क्या क्रिकेटरों से कभी पूछा जाता है कि शूटिंग में अगला बड़ा नाम कौन है?” किसी ने तो यहां तक लिख दिया, “Sudhar jao, यह sports का अपमान है।” बहस का असली निशाना Manu Bhaker नहीं, बल्कि सवाल पूछने वाला तरीक़ा था जो भारत में बाकी खेलों को क्रिकेट के सामने हमेशा छोटा बना देता है।
शोर के बीच Manu Bhaker ने जो जवाब दिया वही असली हाइलाइट बन गया। उन्होंने कहा — “If the mentorship is good, the company around him is good, and the people around are supportive, then age is just a number. There is no age for talent.” मतलब — सही मेंटरशिप मिले, सही माहौल मिले, तो उम्र सिर्फ़ एक नंबर है, टैलेंट की कोई उम्र नहीं होती।
यह जवाब इसलिए शानदार था क्योंकि उन्होंने न तो Vaibhav Suryavanshi को बेवजह सिर पर बिठाया, न ही उनके सवाल को टाला। साथ ही इसमें छिपा था एक तीखा संकेत — कि अगर मेंटरशिप और माहौल सही हो तो यही बात किसी 14 साल के शूटर, बैडमिंटन प्लेयर या रेसलर पर भी लागू होती है। पर मीडिया का माइक उन तक नहीं पहुंचता। यही सच ने और चुभा दिया।
KKR के पूर्व टीम डायरेक्टर Joy Bhattacharjya भी इस पर खुलकर बोले। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि Manu Bhaker जैसी Olympic मेडलिस्ट से बातचीत का फोकस उनकी अपनी उपलब्धियों से हटाकर क्रिकेट पर ले जाना सरासर नाइंसाफ़ी है। उनका तर्क सीधा था — दोनों खेलों को पहले से बहुत जगह मिल रही है, फिर शूटिंग के मंच पर क्रिकेट की एंट्री किसलिए?
यह कमेंट इसलिए चर्चा में आया क्योंकि Bhattacharjya ख़ुद क्रिकेट इकोसिस्टम के बड़े नाम हैं। जब क्रिकेट का इनसाइडर ही कह दे कि शूटर से क्रिकेट पूछना ग़लत है, तो बाकी फैन्स को आवाज़ उठाने का बड़ा बहाना मिल गया। नतीजा — हैशटैग्स में Manu Bhaker और Vaibhav Suryavanshi दोनों ट्रेंड कर गए, और बहस का दायरा शूटिंग, हॉकी, कुश्ती और बैडमिंटन तक फैल गया।
यह कोई पहली बार नहीं है। हर बार जब कोई गैर-क्रिकेट खिलाड़ी मेडल जीतता है, उसके दो हफ़्ते बाद वही फैन्स ट्रेंड कराते हैं — “Cricket को छोड़ो, बाकी खेलों को भी देखो।” फिर अगले IPL मैच पर सब वापस। पर इस बार Manu Bhaker के NRAI इवेंट ने एक नया एंगल दे दिया — जब Olympic मेडलिस्ट के अपने मंच पर भी सवाल क्रिकेट पर हो जाए, तो दोष सिर्फ़ फैन्स का नहीं, मीडिया एजेंडा का भी है।
आंकड़े साफ हैं — Paris 2024 में भारत ने 6 मेडल जीते, उनमें से 2 अकेले Manu Bhaker ने दिलाए। फिर भी एक टीनएज क्रिकेटर का IPL परफॉर्मेंस कई गुना ज़्यादा एयरटाइम पाता है। मेहनत वही, घंटे वही, ट्रेनिंग वही — फर्क़ बस यह कि एक खेल को कैमरा हर रोज़ देखता है, बाकी सब को सिर्फ़ Olympic साल में। तभी तो लोगों ने इसे “national priority का इम्बैलेंस” कहा है। Cricket से जुड़ी और खबरें यहां पढ़िए।
आगे क्या? Manu Bhaker ख़ुद Asian Games और World Championship की तैयारी में जुटी हैं। उनकी फोकस लाइन वही पुरानी है — अगला मेडल। पर मीडिया मैनेजमेंट और सवालों की दिशा बदले बिना यह बहस फिर लौटेगी, फिर कोई नया Suryavanshi टॉप ट्रेंड में आएगा, और फिर कोई शूटर मंच पर खड़ा होकर क्रिकेट पर बोलते हुए दिखेगा। पूरा डिटेल आप Aajtak की रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।
क्या Olympic मेडलिस्ट से क्रिकेट पर सवाल पूछना सही है, या यह बाकी खेलों के साथ सरासर नाइंसाफ़ी है? कमेंट में बताइए — आप किसके साथ हैं?
Image: Paris Olympics double bronze medalist Manu Bhaker in August 2024 — Prime Minister’s Office (GODL-India) via Wikimedia Commons.

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