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Shani Jayanti 2026 Shubh Muhurat: Shani Dev कृपा का बड़ा धमाका, 5 खास Time Slot में पूजा से चमकेगी किस्मत

Shani Jayanti 2026 Shubh Muhurat आज मनाई जा रही है — ज्येष्ठ अमावस्या पर शनि देव की कृपा बरसाने वाले 5 खास टाइम स्लॉट, पूजा विधि और साढ़ेसाती से मुक्ति के अचूक उपाय एक जगह।

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Shani Jayanti 2026 Shubh Muhurat आज पूरे देश में ज्येष्ठ अमावस्या के साथ मनाया जा रहा है, और शनि भक्तों के लिए ये दिन साल का सबसे बड़ा मौका है। पंचांग के मुताबिक 16 मई की सुबह 5:11 बजे से शुरू हुई ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 17 मई की रात 1:30 बजे तक रहेगी, यानी पूजा करने का विंडो लगभग 20 घंटे का है। मान्यता है कि इसी तिथि पर सूर्य देव और छाया के पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था, इसलिए शनि मंदिर में दर्शन और सरसों के तेल का अभिषेक करने वाले भक्तों पर शनि देव की विशेष कृपा बरसती है।

Shani Jayanti 2026 Shubh Muhurat: तिथि और टाइमिंग एक नज़र में

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस साल की Shani Jayanti 2026 Shubh Muhurat खासतौर पर इसलिए मानी जा रही है क्योंकि शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में विराजमान हैं और शनिवार के दिन ही जयंती पड़ी है — ये Triple Combo पिछली बार 1986 में बना था। उदया तिथि के हिसाब से जयंती 16 मई शनिवार को मनाई जा रही है, लेकिन अमावस्या तिथि 17 मई की रात तक एक्टिव रहेगी। मतलब जो लोग कल पूजा नहीं कर पाए, वो आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त से लेकर गोधूलि बेला तक शनि देव का अभिषेक कर सकते हैं और पूरा पुण्य पा सकते हैं।

Shani Jayanti 2026 Shubh Muhurat के 5 खास Time Slot

पंचांग ने कुल 5 शुभ मुहूर्त बताए हैं जिनमें पूजा करना सबसे ज़्यादा फलदायी है। पहला — ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:07 से 4:48 तक, जब शनि देव का अभिषेक करने पर तुरंत असर दिखता है। दूसरा — अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:50 से 12:45 तक, कर्म से जुड़ी समस्याओं के लिए बेस्ट। तीसरा — अमृत काल दोपहर 1:15 से 2:40 तक, धन और स्थिरता मांगने वालों के लिए। चौथा — विजय मुहूर्त दोपहर 2:34 से 3:28 तक, कानूनी मामलों और शत्रु बाधा से मुक्ति का समय। और पाँचवाँ — गोधूलि मुहूर्त शाम 7:04 से 7:25 तक — ये साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित लोगों के लिए सबसे शक्तिशाली विंडो माना गया है।

Shani Dev Puja Vidhi: सरसों तेल अभिषेक का बड़ा धमाका

शनि पूजा की सबसे अहम चीज़ है सरसों के तेल का अभिषेक। सबसे पहले सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और काले या नीले वस्त्र पहनें। घर के ईशान कोण में शनि देव का चित्र या लोहे की मूर्ति रखें — अगर पास में शनि मंदिर है तो वहीं जाना सबसे अच्छा है। मूर्ति पर पहले गंगाजल छिड़कें, फिर शुद्ध सरसों के तेल से अभिषेक करें। इसके बाद धूप, दीप, काले तिल, उड़द दाल और नीले फूल अर्पित करें। ध्यान रखें — आटे का चौमुखा दीया जलाना न भूलें, ये परंपरा शनि देव को सबसे प्रिय मानी जाती है।

पूजा के दौरान शनि चालीसा का पाठ करें और कम से कम 108 बार “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें। जिनके पास समय कम है, वो दशरथ कृत शनि स्तोत्र पढ़ सकते हैं — इसमें केवल 7 मिनट लगते हैं लेकिन फल पूरे पाठ के बराबर माना गया है। अंत में शनि देव की आरती करें और तेल, तिल या लोहे का कोई सामान किसी ज़रूरतमंद को दान करें — बिना दान के शनि पूजा अधूरी मानी जाती है।

Shani Jayanti 2026 Shubh Muhurat पर साढ़ेसाती से मुक्ति के अचूक उपाय

जिन लोगों की कुंडली में साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उनके लिए ये दिन गोल्डन ऑपर्च्युनिटी है। पहला उपाय — शनिवार को शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं और 7 परिक्रमा करें। दूसरा — हनुमान चालीसा का पाठ ज़रूर करें क्योंकि हनुमान जी शनि देव के एकमात्र प्रिय भक्त माने जाते हैं। तीसरा उपाय — काले कुत्ते को रोटी और कौवे को काले तिल का भोग दें। चौथा — शनि देव की पूजा के बाद घर के मुख्य द्वार पर लोहे की घोड़े की नाल लगाएं।

एक चीज़ का खास ध्यान रखें — आज के दिन झूठ बोलना, मांसाहार करना, बाल या नाखून काटना, और बुजुर्गों का अपमान बिल्कुल मना है। ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा के मुताबिक “शनि कर्म के देवता हैं, इसलिए आज जो कर्म करोगे उसका फल 12 गुना मिलेगा”। यानी अच्छा करोगे तो 12 गुना, और गलत करोगे तो भी 12 गुना — सोच-समझकर हर कदम उठाना है।

Shani Mantra और चालीसा: कौन सा कब जपना है?

शनि देव के लिए तीन मंत्र सबसे शक्तिशाली माने गए हैं। बीज मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” रोज़ाना 108 बार जपने से ग्रह दोष शांत होते हैं। तांत्रोक्त मंत्र “ॐ प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” विशेष रूप से साढ़ेसाती में राहत देता है। और वैदिक मंत्र “ॐ शन्नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये” सेहत और लंबी उम्र के लिए जपा जाता है। शनि चालीसा 40 चौपाइयों का संग्रह है जिसे एक साँस में नहीं पढ़ना चाहिए — आराम से, स्पष्ट उच्चारण के साथ, और दीपक जलाकर पढ़ने पर ही पूर्ण फल मिलता है।

अगर आप पहली बार शनि पूजा कर रहे हैं तो घबराने की ज़रूरत नहीं — सच्ची श्रद्धा सबसे बड़ा मंत्र है। पास के trending आस्था अपडेट्स के लिए हमारी कैटेगरी ज़रूर देखें, और शनि देव से जुड़ी ज़्यादा जानकारी के लिए NDTV की डिटेल गाइड पढ़ सकते हैं। Image credit: India TV News

आपकी राय?

आज Shani Jayanti 2026 Shubh Muhurat में आप कौन सा टाइम स्लॉट चुनेंगे — ब्रह्म मुहूर्त की ताज़गी, अभिजीत का बल, या गोधूलि की शक्ति? कमेंट करके बताइए और बताइए कि आपके यहाँ शनि देव की पूजा कैसे होती है।

MN24 संपादकीय टीम
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