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Guru Pradosh Vrat May 2026 Shivling Puja with bel patra and milk offerings

Guru Pradosh Vrat May 2026: आज 14 मई, Shocking शुभ मुहूर्त सिर्फ 2 घंटे

Guru Pradosh Vrat May 2026 आज 14 मई गुरुवार को है। प्रदोष काल शुभ मुहूर्त शाम 7:50 बजे से रात 9:17 बजे तक — सिर्फ 1 घंटा 27 मिनट। जानिए पूरी पूजा विधि, सामग्री लिस्ट, मंत्र और पारण समय।

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Guru Pradosh Vrat May 2026 का इंतज़ार खत्म। आज 14 मई गुरुवार को ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी पर भगवान शिव की कृपा बरसने वाली है — और शुभ मुहूर्त सिर्फ 2 घंटे का है। ज़रा सी देरी हुई तो साल का यह सबसे ताकतवर गुरु प्रदोष व्रत हाथ से निकल जाएगा। तिथि 14 मई सुबह 11:20 बजे से शुरू होकर 15 मई सुबह 8:31 बजे तक चलेगी, लेकिन पूजा का असली मौका शाम 7:50 बजे से रात 9:17 बजे तक ही है।

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक गुरुवार और प्रदोष का यह संयोग 90 दिनों में सिर्फ एक या दो बार बनता है। इसी वजह से Guru Pradosh Vrat May 2026 को साधक “करियर बूस्टर व्रत” भी कहते हैं। आगे पढ़िए — पूरी पूजा विधि, सामग्री लिस्ट, मंत्र, और वो एक गलती जो पूरा फल छीन सकती है।

Guru Pradosh Vrat May 2026 की सही तारीख और तिथि टाइमिंग

वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 14 मई 2026 की सुबह 11:20 बजे शुरू हो रही है और 15 मई की सुबह 8:31 बजे समाप्त होगी। चूंकि प्रदोष काल शाम को आता है और 14 मई की शाम तिथि मौजूद है, इसलिए व्रत आज ही — गुरुवार को — रखा जा रहा है।

कई पाठक 14 या 15 मई को लेकर कन्फ्यूज हो रहे हैं। जवाब साफ है: व्रत 14 मई को, पारण 15 मई को। 15 मई को त्रयोदशी सूर्योदय से पहले ही खत्म हो जाएगी, इसलिए उस दिन व्रत नहीं रखा जाएगा।

Pradosh Kaal Shubh Muhurat: कब करें Guru Pradosh Vrat May 2026 की पूजा

प्रदोष काल का मतलब है सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले से लेकर 45 मिनट बाद तक का समय। यह वही “गोडली मोमेंट” है जब भगवान शिव कैलाश पर्वत पर तांडव करते हैं और भक्तों की हर मनोकामना सुनते हैं। दिल्ली-NCR के लिए Guru Pradosh Vrat May 2026 का शुभ मुहूर्त शाम 7:50 बजे से रात 9:17 बजे तक रहेगा। यानी पूजा के लिए आपके पास सिर्फ 1 घंटा 27 मिनट हैं।

अगर आप मुंबई, कोलकाता, चेन्नई या बैंगलोर में हैं, तो स्थानीय सूर्यास्त के हिसाब से समय 10-25 मिनट आगे-पीछे हो सकता है। सबसे सटीक टाइम के लिए अपने शहर का पंचांग ज़रूर देखें — खासकर दक्षिण भारत के पाठक।

Guru Pradosh Vrat May 2026 पूजा विधि: Step-by-Step Guide

पूजा शुरू करने से पहले सूर्यास्त के समय स्नान करें और साफ सफेद या पीले वस्त्र पहनें। फिर ये स्टेप्स फॉलो करें:

  • स्टेप 1: पूजा स्थान पर भगवान शिव और माता पार्वती की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
  • स्टेप 2: घी का दीपक जलाएं और धूप दिखाएं।
  • स्टेप 3: शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और पंचामृत से अभिषेक करें।
  • स्टेप 4: बेलपत्र, धतूरा, भांग के पत्ते और सफेद फूल चढ़ाएं।
  • स्टेप 5: “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। गुरुवार होने की वजह से “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” भी 11 बार बोलें।
  • स्टेप 6: शिव पुराण की कथा या प्रदोष व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
  • स्टेप 7: आरती करके भोग लगाएं — खीर, फल या मिठाई।

एक गलती जो बहुत लोग करते हैं — व्रत के दिन नमक खा लेते हैं। प्रदोष व्रत में नमक पूरी तरह वर्जित है। फलाहार करें — फल, दूध, साबूदाना खिचड़ी या सिंघाड़े का आटा चलेगा।

शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं? सम्पूर्ण सामग्री लिस्ट

ये है वो पूरी सामग्री जो आपको आज शाम तक जुटा लेनी चाहिए:

  • बेलपत्र — कम से कम 11 पत्तियां, तीन-तीन के समूह में
  • गाय का कच्चा दूध — एक कटोरी
  • दही, घी, शहद, गंगाजल — पंचामृत के लिए
  • सफेद चंदन और अक्षत (चावल)
  • सफेद फूल — चमेली, मोगरा या कनेर
  • धतूरा का फल और भांग के पत्ते (वैकल्पिक)
  • नैवेद्य — खीर, फल, या मखाने की मिठाई
  • कपूर और घी का दीया

क्या ना चढ़ाएं: केतकी का फूल, हल्दी, और सिंदूर शिवलिंग पर कभी मत चढ़ाइए। शास्त्रों में इसे वर्जित बताया गया है।

Guru Pradosh Vrat May 2026 का धार्मिक महत्व और लाभ

स्कंद पुराण में लिखा है कि एक प्रदोष व्रत के बराबर पुण्य 100 गायों के दान का होता है। गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष को गुरु प्रदोष कहा जाता है — और यह विशेष रूप से करियर, शिक्षा, और संतान सुख के लिए फलदायी माना जाता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित विनीत शर्मा बताते हैं कि गुरु प्रदोष व्रत रखने से कुंडली में गुरु ग्रह (बृहस्पति) मजबूत होता है। जिनकी शादी अटक रही है, नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा, या पढ़ाई में मन नहीं लग रहा — उनके लिए यह व्रत रामबाण है। नियमित रूप से हर महीने दोनों प्रदोष रखने वाले को भगवान शिव साक्षात दर्शन देते हैं, ऐसी मान्यता है।

पारण समय और व्रत के सख्त नियम

व्रत का पारण 15 मई 2026 की सुबह 8:31 बजे त्रयोदशी समाप्त होने के बाद ही करें। पारण से पहले स्नान करें, शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, फिर सात्विक भोजन ग्रहण करें।

व्रत के दौरान कुछ नियम सख्ती से मानें: तामसिक भोजन (मांस, मछली, अंडे), लहसुन-प्याज, और शराब बिल्कुल बंद। ब्रह्मचर्य का पालन करें। क्रोध, लालच, और झूठ से दूर रहें। पूरे दिन “ॐ नमः शिवाय” का मानसिक जाप चलता रहे — यही असली पूजा है।

और हां, सोशल मीडिया से भी थोड़ी दूरी बनाइए। प्रदोष व्रत आत्म-शुद्धि का दिन है, ट्रोलिंग और गॉसिप का नहीं। और भी ऐसे ट्रेंडिंग धार्मिक अपडेट्स पढ़ने के लिए हमारे साथ बने रहिए। विस्तृत पंचांग जानकारी के लिए Drik Panchang पर भी देख सकते हैं।

आपकी राय?

क्या आप आज Guru Pradosh Vrat May 2026 का व्रत रखने जा रहे हैं? कौन सी मनोकामना लेकर भगवान शिव के दर पर जा रहे हैं? कमेंट में बताइए और इस पोस्ट को अपने परिवार के WhatsApp ग्रुप में जरूर शेयर कीजिए।

Image credit: nevil zaveri (Flickr) via Wikimedia Commons. License: CC BY 2.0. Source: Wikimedia Commons.

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