🔴 ब्रेकिंग न्यूज़Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat: 16 मई आज Bumper सुहाग पर्व, ये 7 नियम जान लेंPrashant Veer CSK 187 LSG: Dube का Shocking तूफान, Final Over में 23 का धमाकाKalyani Priyadarshan Cannes 2026 Debut Look: 79वें Cannes में Lokah Star का Shocking डबल धमाकाAnshul Kamboj 28 Runs Over: Marsh के 4 छक्कों से CSK पर Shocking रिकॉर्ड 2026UPSC CSE Prelims 2026 Admit Card May 24: 933 Vacancies, Shocking Timing जारी
Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat — banyan tree puja by a newly married woman

Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat: 16 मई आज Bumper सुहाग पर्व, ये 7 नियम जान लें

Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat आज 16 मई शनिवार को है। अभिजीत मुहूर्त 11:50 से 12:45 बजे तक है। जानें बरगद पूजा की पूरी विधि और 7 कड़े नियम।

📤 इस खबर को शेयर करें
WhatsApp Telegram Facebook X

Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat आज 16 मई शनिवार को है, और देशभर की सुहागिनें बरगद के पेड़ के नीचे पंक्तिबद्ध खड़ी हैं। अमावस्या तिथि सुबह 5:11 बजे लग चुकी है और 17 मई की रात 1:30 बजे तक रहेगी। पूजा का सबसे चौंकाने वाला विंडो है सिर्फ 1 घंटा 12 मिनट का अभिजीत मुहूर्त 11:50 बजे से 12:45 बजे तक।

सावित्री ने सिर्फ अपने पति सत्यवान को नहीं, यमराज की डोर पकड़कर उन्हें मौत के मुंह से वापस खींचा था। यही कहानी हर साल बरगद के पेड़ पर लाल धागा बांधती सुहागिनों के हाथों में जिंदा होती है। उत्तर भारत में आज ही व्रत है, जबकि महाराष्ट्र-गुजरात में यही पर्व वट पूर्णिमा के नाम से 29 जून को मनाया जाएगा।

Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat: 16 मई का पूरा Timeline

व्रत वाली महिलाओं को सुबह सूर्योदय से पहले स्नान कर पूजा शुरू करनी चाहिए। शुभ मुहूर्त की तीन खिड़कियां हैं जो आज सौभाग्य की बारिश कर सकती हैं। सबसे पहली विंडो है सुबह 7:12 से 8:24 बजे तक, जिसे ब्रह्म मुहूर्त का विस्तार माना जाता है। दूसरी सबसे शक्तिशाली विंडो है दिन का अभिजीत मुहूर्त 11:50 बजे से 12:45 बजे तक, इसमें बरगद की 7 परिक्रमा सबसे फलदायी होती है। तीसरी विंडो शाम 4:30 के बाद की है, इसमें कथा सुनना और जल अर्पण करना अच्छा रहेगा।

अगर सुबह नहाने में देर हो गई है तो भी पूजा छोड़ें नहीं। अभिजीत मुहूर्त में सिर्फ 55 मिनट हैं, इसलिए तैयारी पहले से रखें। पूजा थाल में लाल कलावा, चना दाल, गुड़, फूल, धूप, दीपक, मौली और 7 तरह के फल जरूर रखें।

Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat पर बरगद की पूजा का सही तरीका

बरगद के पेड़ के नीचे पहुंचकर सबसे पहले जल चढ़ाएं, फिर हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाएं। इसके बाद कच्चे सूत के लाल धागे से पेड़ की परिक्रमा शुरू करें। एक परिक्रमा करते समय धागा एक बार पेड़ के तने पर लपेटें, और साथ में सावित्री-सत्यवान की कथा का स्मरण करें। पूरी 7 परिक्रमा बिना रुके करें, यही व्रत की सबसे महत्वपूर्ण क्रिया है।

पूजा के बाद बांस की टोकरी में सत्तू, गुड़, चना, और थोड़ा भीगा हुआ सत्तू रखकर पति के पैर छूकर आशीर्वाद लें। टोकरी में रखे फल और मिठाई बाद में पड़ोसी सुहागिनों के साथ बांटना शुभ माना जाता है। बहुत से क्षेत्रों में लड़कियां इस दिन बरगद के पेड़ के नीचे ही दोपहर का व्रत भोजन ग्रहण करती हैं, जिसे प्रसाद के रूप में देखा जाता है।

Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat के 7 कड़े नियम

व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए कुछ नियम पत्थर की लकीर जैसे हैं। पहला, व्रत वाले दिन काले या नीले कपड़े बिल्कुल न पहनें, लाल, पीला या हरा शुभ माना गया है। दूसरा, बाल खुले रखकर पूजा करने से बचें, चोटी या जूड़ा बनाकर ही पूजा शुरू करें। तीसरा, घर में किसी से कटु बोल या झगड़ा बिल्कुल न करें, ये पूरे व्रत का पुण्य खत्म कर सकता है।

चौथा, व्रत के दौरान पानी पीना है या नहीं, इस पर हर परिवार की परंपरा अलग है, अपने घर के बड़ों से पूछें। पांचवा, बरगद की पूजा के बाद ही व्रत का संकल्प पूरा माना जाता है, इसलिए मुहूर्त मिस न करें। छठा, पूजा थाल में लोहे का सामान बिल्कुल न रखें। सातवां, व्रत का पारण अगले दिन 17 मई की सुबह 5:11 बजे अमावस्या समाप्ति के बाद ही करें।

सावित्री-सत्यवान की वो कहानी जो Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat को आज भी ताकत देती है

राजकुमारी सावित्री ने जब सत्यवान को पति के रूप में चुना, तो ऋषि नारद ने चेताया कि सत्यवान की उम्र सिर्फ एक साल बची है। सावित्री ने फैसला बदला नहीं। ठीक एक साल बाद जब यमराज सत्यवान के प्राण लेने आए, सावित्री ने यमराज का पीछा किया, उनसे संवाद किया, और तीन वरदान मांगकर अपने पति को वापस ले आईं। बरगद का पेड़ इस पूरी घटना का साक्षी था, इसलिए आज भी बरगद को सुहाग का देवता माना जाता है।

यह कहानी सिर्फ धार्मिक नहीं, स्त्री के संकल्प और बुद्धि का सबसे बड़ा प्रतीक है। सावित्री ने यमराज को तर्क से हराया था, बल से नहीं। आज जब लाखों महिलाएं बरगद के नीचे खड़ी हैं, वो उसी संकल्प को अपने जीवन में दोहरा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक India TV और Times Now Navbharat ने 16 मई को ही उत्तर भारत के लिए आधिकारिक तिथि बताया है।

हर साल इस दिन देश के कई बड़े मंदिर परिसरों में सामूहिक पूजा का आयोजन होता है, और सुहाग सामग्री का दान बड़े स्तर पर किया जाता है। और पढ़ें: धर्म-आस्था की और खबरें

आपकी राय?

क्या आज आप या आपके घर की कोई महिला Vat Savitri Vrat 2026 Shubh Muhurat में बरगद की पूजा कर रही हैं? आपके इलाके में पूजा का सबसे शुभ समय क्या है? कमेंट में बताइए और इस खबर को परिवार में शेयर कीजिए।

Image credit: Ambikeshgandhi via Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0). Source

MN24 संपादकीय टीम
लेखक के बारे में
MN24 संपादकीय टीम

MN24 Editorial Team — Masala News 24 की संपादकीय टीम, जो India की trending news, cricket, Bollywood, exam results और breaking national stories को चटपटी, fact-checked और mobile-first style में cover करती है। हर article में verified sources से ली गई जानकारी होती है।

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *