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ग्रेच्युटी कैलकुलेटर

Payment of Gratuity Act फॉर्मूले से अपनी ग्रेच्युटी निकालें — अंतिम बेसिक + DA, 6-महीने राउंडिंग वाली सेवा के साल, और ₹20 लाख की टैक्स-फ्री सीमा।

सिर्फ़ बेसिक सैलरी जमा महंगाई भत्ता — ग्रॉस या CTC नहीं
आखिरी साल में 6 महीने या ज़्यादा राउंड अप — 10.5 को 11 गिना जाता है
ग्रेच्युटी रकम
गिने गए साल (एक्ट राउंडिंग)
टैक्स-फ्री हिस्सा (₹20 लाख सीमा)
टैक्सेबल हिस्सा

ग्रेच्युटी फॉर्मूला (Payment of Gratuity Act)

ग्रेच्युटी लंबी सेवा के लिए एक वैधानिक धन्यवाद है — हर पूरे साल के लिए 15 दिन का वेतन, जहां महीने को 26 कार्य-दिवस माना जाता है:

ग्रेच्युटी = (15 ÷ 26) × अंतिम (बेसिक + DA) × पूरी की गई सेवा के साल

फॉर्मूले में सिर्फ़ बेसिक + महंगाई भत्ता आता है — HRA, स्पेशल अलाउंस और बोनस नहीं। आखिरी साल में 6 महीने या उससे ज़्यादा की सेवा पूरे साल में राउंड हो जाती है: 12 साल 7 महीने को 13 साल गिना जाता है; 12 साल 5 महीने को 12 साल।

हल किया उदाहरण

मान लीजिए आप ₹60,000 प्रति माह की अंतिम बेसिक + DA के साथ 12 साल 7 महीने बाद इस्तीफ़ा देते हैं। सेवा 13 साल में राउंड होती है, इसलिए ग्रेच्युटी = (15/26) × 60,000 × 13 = ₹4,50,000 — पूरी तरह टैक्स-फ्री, क्योंकि यह ₹20 लाख की छूट सीमा से नीचे है।

त्वरित संदर्भ तालिका

अंतिम बेसिक + DA / माह5 साल10 साल20 साल
₹30,000₹86,538₹1,73,077₹3,46,154
₹50,000₹1,44,231₹2,88,462₹5,76,923
₹1,00,000₹2,88,462₹5,76,923₹11,53,846

पात्रता: 5-साल का नियम

नौकरी छोड़ने पर — इस्तीफ़ा, रिटायरमेंट या टर्मिनेशन — उस एम्प्लॉयर के साथ 5 साल की निरंतर सेवा के बाद ग्रेच्युटी देय होती है। दो अहम नरमी: अदालतों ने कई फैसलों में पांचवें साल में 4 साल + 240 दिन को पात्र सेवा माना है, और अगर मृत्यु या दिव्यांगता के कारण रोज़गार खत्म हो तो 5-साल की शर्त पूरी तरह माफ़ हो जाती है (तब ग्रेच्युटी नॉमिनी को जाती है)।

दायरे वाले बनाम बाहर वाले संस्थान

एक्ट 10 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाले संस्थानों को कवर करता है — यानी लगभग हर औपचारिक एम्प्लॉयर। दायरे से बाहर वाले संस्थानों के कर्मचारियों के लिए प्रचलित फॉर्मूला थोड़ा कम उदार है: (15 ÷ 30) × पिछले 10 महीनों की औसत सैलरी × पूरी की गई सेवा के साल, और आंशिक साल का कोई राउंड-अप नहीं। यह कैलकुलेटर दायरे-वाले संस्थान का फॉर्मूला इस्तेमाल करता है, जो अधिकतर निजी-क्षेत्र कर्मचारियों पर लागू होता है।

ग्रेच्युटी पर टैक्स कैसे लगता है (FY 2025-26)

सरकारी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पूरी तरह टैक्स-फ्री मिलती है। एक्ट के दायरे वाले निजी-क्षेत्र कर्मचारियों के लिए छूट इनमें सबसे कम है: मिली असली ग्रेच्युटी, 15/26 फॉर्मूले की रकम, और ₹20 लाख — सभी एम्प्लॉयर मिलाकर जीवनभर की सीमा। छूट वाली रकम से ऊपर का कोई भी हिस्सा आपकी इनकम में जुड़कर स्लैब रेट पर टैक्सेबल होता है। सीमा पार करने पर कैलकुलेटर टैक्सेबल हिस्से को अपने-आप फ़्लैग कर देता है।

नए लेबर कोड के तहत ग्रेच्युटी

Code on Social Security ग्रेच्युटी को फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों तक सिर्फ़ 1 साल बाद आनुपातिक आधार पर बढ़ाता है — कॉन्ट्रैक्ट प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा बदलाव। अलग से, "वेजेज़" की वेज-कोड परिभाषा (बेसिक + DA ≥ कुल वेतन का 50%) उन सभी के लिए ग्रेच्युटी आधार बढ़ाती है जिनकी बेसिक आज कम है। जून 2026 तक लागू होने की समयसीमा राज्य और एम्प्लॉयर के हिसाब से अलग है, इसलिए ज़्यादातर स्थायी कर्मचारियों के लिए ऊपर वाले 5-साल के एक्ट नियम ही प्रचलित कानून हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में ग्रेच्युटी कैसे निकलती है?
ग्रेच्युटी एक्ट (Payment of Gratuity Act) के दायरे वाले संस्थानों के लिए: (15 ÷ 26) × अंतिम बेसिक + DA × पूरी की गई सेवा के साल। आखिरी साल में 6 महीने या उससे ज़्यादा की सेवा पूरे साल में राउंड हो जाती है। उदाहरण: ₹50,000 बेसिक + DA और 10 साल की सेवा → (15/26) × 50,000 × 10 = ₹2,88,462।
क्या ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की सेवा अनिवार्य है?
आम तौर पर हां — एक ही एम्प्लॉयर के साथ 5 साल की निरंतर सेवा के बाद ग्रेच्युटी देय होती है। अदालतों ने कई मामलों में पांचवें साल में 4 साल + 240 दिन को निरंतर सेवा माना है, इसलिए 5 साल से ज़रा पहले नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारी HR से पुष्टि करें। मृत्यु या दिव्यांगता पर 5-साल की शर्त पूरी तरह माफ़ हो जाती है।
क्या ग्रेच्युटी टैक्सेबल है?
सरकारी कर्मचारी: पूरी तरह छूट। एक्ट के दायरे वाले निजी क्षेत्र के कर्मचारी: इनमें सबसे कम पर छूट — (a) मिली असली ग्रेच्युटी, (b) 15/26 फॉर्मूले की रकम, और (c) ₹20 लाख (सभी एम्प्लॉयर मिलाकर जीवनभर की सीमा, FY 2025-26 तक)। छूट वाली रकम से ऊपर का हिस्सा आपके स्लैब रेट पर टैक्सेबल है।
क्या निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी मिलती है?
हां। 10 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाला कोई भी संस्थान Payment of Gratuity Act के दायरे में आता है, जो भुगतान को एहसान नहीं बल्कि कानूनी ज़िम्मेदारी बनाता है। कई कंपनियां ग्रेच्युटी प्रोविज़न (बेसिक का लगभग 4.81%) को आपके CTC के अंदर एक लाइन के रूप में भी दिखाती हैं।
लेबर कोड के तहत नए ग्रेच्युटी नियम क्या हैं?
दो बदलाव मायने रखते हैं। पहला, फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी 5 साल के बजाय सिर्फ़ 1 साल बाद आनुपातिक (pro-rata) ग्रेच्युटी के पात्र बन जाते हैं। दूसरा, वेज-कोड की परिभाषा मांगती है कि बेसिक + DA कुल वेतन का कम से कम 50% हो — जिनकी बेसिक आज कम है उनके लिए बड़ा ग्रेच्युटी आधार। जून 2026 तक लागू होने की समयसीमा राज्य और एम्प्लॉयर के हिसाब से अलग है।
क्या ग्रेच्युटी CTC का हिस्सा है?
अक्सर हां — एम्प्लॉयर बेसिक का करीब 4.81% (15/26 फॉर्मूले की सालाना लागत) CTC लाइन आइटम के रूप में जोड़ते हैं। यह आपको पात्रता शर्त पूरी करने के बाद ही मिलती है, जो एक और कारण है कि in-hand सैलरी CTC ÷ 12 से कम होती है। देखें हमारा in-hand सैलरी कैलकुलेटर

ये अनुमान केवल जानकारी और शिक्षा के लिए हैं — वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। पात्रता और टैक्स नियमों की पुष्टि अपने HR या आधिकारिक स्रोतों से करें।

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