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ITR रिफंड स्टेटस: कैसे चेक करें और देरी होने पर क्या करें

अपना इनकम-टैक्स रिफंड ट्रैक करने के दो आधिकारिक तरीके, रिफंड अटकने की 12 वजहें, और 3-6-9 महीने का एस्केलेशन प्लान जो सचमुच काम करता है।

रिटर्न फाइल कर दिया और पैसे का इंतज़ार है? ज़्यादातर रिफंड ई-वेरिफिकेशन के 4–5 हफ्ते के भीतर क्रेडिट हो जाते हैं — पर "ज़्यादातर" का मतलब "सभी" नहीं है, और पोर्टल के स्टेटस मैसेज आपको ठीक-ठीक बता देते हैं कि आपका कहां अटका है। यह गाइड मौजूदा AY 2026-27 (FY 2025-26) सीज़न को कवर करती है; स्टेप जून 2026 तक के हैं।

तरीका 1: incometax.gov.in पर चेक करें (पूरी जानकारी)

  1. incometax.gov.in पर अपने PAN और पासवर्ड से लॉग इन करें।
  2. e-File → Income Tax Returns → View Filed Returns पर जाएं।
  3. असेसमेंट वर्ष चुनें (FY 2025-26 में कमाई के लिए AY 2026-27)।
  4. View Details पर क्लिक करें — आपको पूरी लाइफसाइकल दिखेगी: Return filed → E-verified → Processed → Refund issued, हर स्टेप की तारीख के साथ।
  5. अगर रिफंड फेल हुआ है, तो फेल होने की वजह (गलत खाता, नाम मिसमैच आदि) यहीं दिख जाती है।

तरीका 2: NSDL रिफंड ट्रैकर (बिना लॉगिन)

  1. NSDL/Protean रिफंड-स्टेटस पेज खोलें (tin.tin.nsdl.com)।
  2. अपना PAN डालें, असेसमेंट वर्ष चुनें, कैप्चा भरें।
  3. आपको रिफंड बैंकर का डिस्पैच स्टेटस दिखेगा — "refund credited", मोड और तारीख।

समस्या पकड़ने के लिए तरीका 1 इस्तेमाल करें; और यह पक्का करने के लिए कि बैंक क्रेडिट सचमुच गया, तरीका 2।

सामान्य टाइमलाइन (2026 सीज़न के अनुसार)

  • साधारण सैलरीड रिटर्न (ITR-1/4): अक्सर कुछ ही दिनों में प्रोसेस; रिफंड आमतौर पर ई-वेरिफिकेशन के 4–5 हफ्ते के भीतर।
  • ITR-2/3 (कैपिटल गेन्स, बिज़नेस इनकम): आमतौर पर 1–3 महीने।
  • पीक सीज़न (अगस्त–अक्टूबर): CPC क्यू लोड के चलते कुछ हफ्ते जोड़ लें।

घड़ी ई-वेरिफिकेशन से शुरू होती है, फाइलिंग से नहीं। बिना वेरिफाई किया रिटर्न 30-दिन की वेरिफिकेशन विंडो के बाद फाइल ही नहीं माना जाता।

आपका रिफंड देरी से आने की 12 वजहें

  1. ई-वेरिफिकेशन बाकी — सबसे बड़ी वजह। जब तक आप वेरिफाई नहीं करते, CPC प्रोसेसिंग शुरू ही नहीं करता (Aadhaar OTP में एक मिनट लगता है)।
  2. बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड नहीं — रिफंड सिर्फ प्री-वैलिडेटेड, PAN-लिंक्ड खाते में ही आता है। Profile → My Bank Account के तहत वैलिडेट करें।
  3. बकाया डिमांड एडजस्टमेंट (धारा 245) — कोई पुरानी टैक्स डिमांड आपके रिफंड से सेट-ऑफ हो रही है। पहले एक इंटिमेशन मिलती है और जवाब के लिए ~21 दिन।
  4. CPC प्रोसेसिंग क्यू — पीक सीज़न में सीधा बैकलॉग; कुछ गलत नहीं है, बस धीमा है।
  5. TDS मिसमैच — आपका दावा किया TDS Form 26AS/AIS से मेल नहीं खाता। मिलान होने तक प्रोसेसिंग रुक जाती है।
  6. डिफेक्टिव रिटर्न नोटिस (धारा 139(9)) — आपको 15 दिन के भीतर जवाब देना होता है; जवाब देने के बाद प्रोसेसिंग की घड़ी फिर से चलती है।
  7. रिटर्न रिस्क वेरिफिकेशन या स्क्रूटनी के लिए चुना गया — हर साल रिटर्न का एक छोटा हिस्सा; जांच क्लियर होने तक रिफंड रुकता है।
  8. नाम मिसमैच — बैंक खाते का नाम रिफंड बैंकर के लिए आपके PAN नाम से पर्याप्त रूप से मेल नहीं खाता।
  9. बंद खाता या पुराना IFSC — बैंक मर्जर पुराने IFSC कोड को अमान्य कर देते हैं; क्रेडिट बाउंस हो जाता है।
  10. रिफंड तय पर फेल — पोर्टल "refund failure" दिखाता है; आपको रीइश्यू रिक्वेस्ट डालनी होती है (स्टेप नीचे)।
  11. बड़ा रिफंड मैनुअल वेरिफिकेशन के लिए फ्लैग — ज़्यादा रकम वाले रिफंड पर एक अतिरिक्त आंतरिक जांच होती है।
  12. रिवाइज्ड या बिलेटेड रिटर्न — रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने पर नए रिटर्न पर प्रोसेसिंग शून्य से फिर शुरू होती है।

3–6–9 महीने का एस्केलेशन प्लान

3 महीने पर: ठीक करें और शिकायत दर्ज करें

पहले अपने-आप ठीक होने वाली वजहें खत्म करें — पक्का करें कि रिटर्न ई-वेरिफाइड है और बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड। फिर ई-फाइलिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें (Grievances → Submit Grievance, कैटेगरी: refund) और एक्नॉलेजमेंट नंबर नोट कर लें। CPC हेल्पलाइन (1800-103-4455) फोन पर प्रोसेसिंग स्टेज बता सकती है।

6 महीने पर: CPC से आगे एस्केलेट करें

अगर शिकायत बिना समाधान बंद हो जाए या यूं ही पुरानी पड़ जाए, तो CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर एस्केलेट करें — वहां शिकायतें वैधानिक समयसीमा के साथ ट्रैक होती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों तक जाती हैं। साथ ही, अपने क्षेत्राधिकार वाले असेसिंग ऑफिसर (My Profile → Jurisdiction details के तहत खोजें) को अपनी फाइलिंग और शिकायत हिस्ट्री के साथ लिखें।

9 महीने पर: RTI का इस्तेमाल करें

CPC बेंगलुरु या अपने AO को RTI आवेदन सबसे दमदार शांत दांव है: पूछें (1) प्रोसेसिंग की मौजूदा स्थिति, (2) देरी की वजह, और (3) ज़िम्मेदार अधिकारी। सार्वजनिक प्राधिकरण को 30 दिन में जवाब देना होता है, और व्यवहार में अटके रिफंड पर RTI अक्सर रिफंड को ही चला देती है। ₹10 में rtionline.gov.in पर ऑनलाइन फाइल करें।

रिफंड रीइश्यू रिक्वेस्ट कैसे डालें

  1. incometax.gov.in पर लॉग इन करें।
  2. Services → Refund Reissue पर जाएं।
  3. Create Refund Reissue Request पर क्लिक करें और फेल-रिफंड रिकॉर्ड चुनें।
  4. एक प्री-वैलिडेटेड बैंक खाता चुनें (ज़रूरत हो तो पहले एक नया वैलिडेट करें)।
  5. रिक्वेस्ट को Aadhaar OTP या EVC से ई-वेरिफाई करें — फिर उसी मेन्यू के तहत ट्रैक करें। क्रेडिट आमतौर पर 1–2 हफ्ते में आ जाता है।

इंतज़ार के दौरान: अगर बड़ा रिफंड इसलिए आ रहा है क्योंकि बहुत ज़्यादा TDS कट गया, तो जड़ ठीक करें — इनकम टैक्स कैलकुलेटर (FY 2025-26) से अपनी रेजीम चॉइस और घोषणाएं दोबारा जांचें ताकि अगले साल का टैक्स अप्रैल से ही सही-साइज़ रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ITR रिफंड कब आएगा?
ज़्यादातर ई-वेरिफाइड रिटर्न का रिफंड ई-वेरिफिकेशन के 4–5 हफ्ते बाद आ जाता है — सीज़न की शुरुआत में अक्सर और जल्दी। जुलाई में फाइल किया हो तो अगस्त–सितंबर तक क्रेडिट की उम्मीद रखें; पीक-सीज़न के रिटर्न में ज़्यादा समय लग सकता है। घड़ी ई-वेरिफिकेशन से शुरू होती है, फाइलिंग से नहीं — इसलिए सबमिट करते ही तुरंत वेरिफाई करें।
FY 2025-26 के लिए मेरा ITR रिफंड देरी से क्यों आ रहा है?
सबसे आम वजहें: आपने रिटर्न ई-वेरिफाई नहीं किया, आपका बैंक खाता पोर्टल पर प्री-वैलिडेटेड नहीं है, धारा 245 के तहत कोई पुरानी टैक्स डिमांड एडजस्ट हो रही है, या आपके TDS दावे Form 26AS/AIS से मेल नहीं खाते। पहले पोर्टल पर स्टेटस मैसेज देखें — वह आमतौर पर असली रुकावट का नाम बता देता है। ऊपर दी 12 देरी की वजहें देखें।
क्या देरी से आए रिफंड पर ब्याज मिलता है?
हां। धारा 244A के तहत विभाग 0.5% प्रति माह (साल में 6%) की दर से सरल ब्याज देता है — अगर आपने नियत तारीख तक फाइल किया है तो असेसमेंट वर्ष की 1 अप्रैल से, वरना आपकी फाइलिंग तारीख से। अगर रिफंड कुल टैक्स के 10% से कम है तो कोई ब्याज नहीं मिलता।
स्टेटस "processed" दिखा रहा है पर पैसा नहीं आया — अब क्या करूं?
रिफंड तय होने के बाद भी प्रोसेस्ड रिटर्न बैंकिंग चरण पर फेल हो सकता है। जांचें कि बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड और PAN-लिंक्ड हो, IFSC मौजूदा हो (बैंक मर्जर से ये बदल जाते हैं) और खाता एक्टिव हो। अगर स्टेटस "refund failed" दिखाए, तो Refund Reissue रिक्वेस्ट डालें — स्टेप ऊपर दिए हैं। रीइश्यू के आमतौर पर 2 हफ्ते के भीतर क्रेडिट आ जाता है।
क्या मैं बिना लॉगिन किए रिफंड स्टेटस देख सकता हूं?
हां। NSDL (Protean) रिफंड ट्रैकर सिर्फ आपके PAN और असेसमेंट वर्ष से डिस्पैच स्टेटस दिखाता है — पोर्टल लॉगिन की ज़रूरत नहीं। यह रिफंड बैंकर का स्टेटस दिखाता है, इसलिए पोर्टल पर "refund issued" दिखने के एक-दो दिन बाद अपडेट होता है।

Estimates are for information and education only — not financial, tax or investment advice. Verify current rates and rules with official sources.

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